सभी साथियों को जिंदाबाद,

अनुभूती संस्था की ओर से संविधान साक्षरता की जो इम्तेहान लिए गये इस के लिए मै अनुभूती संस्था को दिल से बधाई देता हू और उन्हें दिल से जिंदाबाद केहता हू. काफी अलग तरह की सोच को उन्होंने हमारे सामने रखा है ये सच मे काबिले तारीफ है. हम सभी जानते है की संविधान को लेकर अलग अलग संस्था संघटन अलग अलग कार्यक्रम लेते है, लोगों मे संविधान के प्रती सन्मान और समझ बढ़ाने की कोशिश करते है पर अनुभूती संस्था की ये पेहल सबसे अलग है ये बात को मै यहां ठोस तरीके से अधोरेखित करता हू.

साथही मै इस संविधान साक्षरता के इम्तेहान मे सेहभागी हुए आप सभी को बधाई देता हू.

दोस्तों ये बडी बात है की हम अपने संविधान को, उसके अंदर मौजूद मूल्यों को और उस के महत्व को समझने की कोशिश कर रहे है,  ये सच मे एक बडी बात है. खास कर के आज के सामाजिक राजनैतिक हालात को अगर हम देखे तो ये बेहद जरूरी है की हम संविधान की गरीमा को समझे और संविधान के सन्मान और संवर्धन के लिए एकसाथ आगे बढ़े. हमारे भारत देश की पेहचान पुरे दुनिया मे इसलिए अलग है क्यू की हमारे देशा मे एक सबसे बडा लिखित संविधान है जिस की बुनियाद सिर्फ और सिर्फ भारत के लोग है. संविधान ने धर्म-जात-भाषा-पंथ के फरक को मिटाकर हमे  ये सोच दी है की हम प्रथमतः भी भारतीय है और अंतिमतः भी भारतीय है. इस के साथ ही संविधान ने हमारे देश मे जनवाद की व्यवस्था का निर्माण किया है, अगर इसे हम गेहराई से समझे तो ये देश कोई राजा या कोई व्यक्ती नही चला सकता तो लोग तय करते है की कोन उनका प्रतिनिधी होगा और वो उन्हें चुनकर देते है. संविधान ने हमे ये ताकद दी है उसे हमे सही मायने मे समझना होगा…हमारे देश मे सभी धर्म जात पंथ भाषा के लोग रेहते है, उन्हें स्वतंत्रता, समता,  समानता के तौर पर जो बुनियादी अधिकार दिए है वो सिर्फ और सिर्फ संविधान की वजह से है इस बात को हमे कभी भुलना नही चाहिए.

आखिर मे मै फिर एक बार आप सभी को बधाई देता हू की आप सभी इस संविधान साक्षरता के इम्तेहान मे सहभागी हुए,  ये एक पेहल है जो हमे संविधान को और मजबूत बनाने के दिशा मे लेकर जा सकती है. अनुभूती संस्था के सभी साथियों को फिर से एक बार मे बधाई देता हू की आप सच मे एक बडा काम कर रहे हो, ये एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है, अभियान है जो बेहतर और शोषणमुक्त भारत देश बनाने के लिए कारगार साबित होगा.

मै आप के इस अभियान के साथ हू और हमेशा रहुंगा इस कमिटमेंट के साथ आप सभी को जिंदाबाद केहता  हू.

-विजय खरात..